(ऋषभ सिंह)सोनभद्र। राजस्व भूमि संबंधी विवादों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए प्रदेश सरकार द्वारा चलाए गए विशेष अभियान में सोनभद्र ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की नियमित मॉनिटरिंग और अधिकारियों की जवाबदेही तय किए जाने से जनपद में लंबित मामलों की संख्या में भारी कमी दर्ज की गई है।
जिलाधिकारी ने बताया कि अभियान के दौरान प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपजिलाधिकारियों, तहसीलदारों और राजस्व अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। इसके परिणामस्वरूप परीक्षण, चकबंदी न्यायालय एवं उच्च न्यायालय से संबंधित लंबित सभी संदर्भों का निस्तारण कर दिया गया है और इन श्रेणियों में अब कोई मामला लंबित नहीं है।

राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या घटकर 120 रह गई है, जबकि सिविल न्यायालयों में केवल 22 प्रकरण लंबित हैं। प्रशासन का दावा है कि यह उपलब्धि प्रभावी निगरानी, समयबद्ध कार्रवाई और अधिकारियों की सक्रिय कार्यशैली का परिणाम है। अभियान के तहत पुनर्जीवित किए गए 6,544 प्रकरणों में से अधिकांश का निस्तारण किया जा चुका है। वर्तमान में 580 मामले लंबित हैं, जो मुख्य रूप से ओबरा एवं रॉबर्ट्सगंज तहसीलों से संबंधित हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन मामलों का भी प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
प्रशासन का कहना है कि राजस्व मामलों के त्वरित समाधान की यह पहल सुशासन, पारदर्शिता और आमजन को समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

