सोनभद्र : राबर्ट्सगंज में किसानों की समस्याओं और स्थानीय मुद्दों को लेकर विंध्य ब्रिगेड का अनिश्चितकालीन अनशन लगातार जारी है। संगठन ने खाद की किल्लत, सिंचाई व्यवस्था में सुधार, स्थानीय युवाओं को रोजगार, जंगलों की सुरक्षा और जिले में लागू निषेधाज्ञा हटाने सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विंध्य ब्रिगेड का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा।
सोनभद्र मुख्यालय पर विंध्य ब्रिगेड के बैनर तले चल रहे अनिश्चितकालीन अनशन में बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हैं। अनशनकारियों का कहना है कि जिले में खरीफ फसलों की बुवाई शुरू हो चुकी है, लेकिन किसानों को समय पर खाद उपलब्ध नहीं हो रही है। खाद की कमी के कारण किसान परेशान हैं और खेती का कार्य प्रभावित हो रहा है। संगठन ने प्रशासन से तत्काल खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है।
विंध्य ब्रिगेड ने सिंचाई व्यवस्था की बदहाली को भी बड़ा मुद्दा बताया। संगठन के अनुसार घाघर कैनाल की मुख्य नहर, शाखा नहरें, छलके और गुल्ले कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हैं, जिससे नहर का पानी अंतिम छोर यानी टेल तक नहीं पहुंच पा रहा है। इसके कारण किसानों के बीच सिंचाई के पानी को लेकर विवाद की स्थिति बन रही है। संगठन ने मांग की है कि जिला खनिज फाउंडेशन यानी डीएमएफ में उपलब्ध करोड़ों रुपये की धनराशि से तत्काल नहरों की मरम्मत कराकर सिंचाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए।
अनशनकारियों ने स्थानीय युवाओं के रोजगार का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना है कि जिले में संचालित निजी उद्योगों और कंपनियों में स्थानीय बेरोजगार युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाए। इसके साथ ही संगठन ने जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा की मांग करते हुए कहा कि नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना घने जंगलों को नुकसान पहुंचाकर नहीं, बल्कि ऐसे क्षेत्रों में की जाए जहां केवल झाड़ियां हों, ताकि पर्यावरण और वन संपदा सुरक्षित रह सके।
विंध्य ब्रिगेड ने जिले में लागू निषेधाज्ञा पर भी सवाल उठाए हैं। संगठन का आरोप है कि निषेधाज्ञा का इस्तेमाल किसानों और आम जनता की आवाज दबाने के लिए किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ है। अनशनकारियों का कहना है कि 16 जुलाई से शुरू हुआ यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक जिला प्रशासन उनकी पांच सूत्रीय मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर ठोस कार्रवाई नहीं करता।

