एसडीएम की तैनाती की मांग को लेकर अधिवक्ताओं का आंदोलन तेज, छात्रों और वादकारियों की परेशानी पर जताई चिंता

अधिवक्ता संघर्ष समिति की बैठक में जल्द नियुक्ति की मांग, जन्म-निवास प्रमाण पत्र व न्यायिक कार्य ठप होने का आरोप

(ऋषभ सिंह)ओबरा, सोनभद्र। तहसील ओबरा में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के स्थानांतरण के बाद उत्पन्न प्रशासनिक शून्यता को लेकर अधिवक्ता संघर्ष समिति ने कड़ा रुख अपनाया है। समिति की बैठक में अधिवक्ताओं ने कहा कि एसडीएम का पद लंबे समय से रिक्त होने के कारण आम जनता, वादकारियों और विद्यार्थियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र सहित विभिन्न आवश्यक प्रमाणपत्र समय पर जारी नहीं हो पा रहे हैं। वहीं न्यायालय से जुड़े कई कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। प्रवेश सत्र चलने के कारण समय पर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध न होने से विद्यार्थियों का भविष्य भी प्रभावित हो रहा है।
अधिवक्ता संघर्ष समिति ने प्रशासन से मांग की कि ओबरा तहसील में शीघ्र उपजिलाधिकारी की नियुक्ति की जाए, ताकि प्रशासनिक एवं न्यायिक कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सकें और आमजन को हो रही परेशानियों से राहत मिल सके। बैठक में संघर्ष समिति के संयोजक एडवोकेट उमेश चंद शुक्ला, समाजसेवी नंदलाल पांडेय, अमित उपाध्याय, अनिल राय, संजय द्विवेदी, ऋषभ पटेल, मनीष मिश्र, मिथिलेश तिवारी, किशन सहित अनेक अधिवक्ता एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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