2017 से 2026 तक के एरियर भुगतान की उम्मीद भी जगी, संगठन ने प्रदेश अध्यक्ष राकेश पटेल के संघर्ष को बताया सफलता का आधार
सोनभद्र (वकील खान)। परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अनुदेशकों के लिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बड़ी राहत मिली है। राज्य सरकार की पुनर्विचार याचिका खारिज होने के बाद अनुदेशकों का मासिक मानदेय ₹7 हजार से बढ़ाकर ₹17 हजार किए जाने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। इससे आर्थिक तंगी से जूझ रहे अनुदेशकों में खुशी की लहर है।
अनुदेशकों का कहना है कि बढ़े हुए मानदेय से अब परिवार का भरण-पोषण बेहतर ढंग से हो सकेगा तथा बच्चों की उच्च शिक्षा जैसी आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में भी सहूलियत मिलेगी। साथ ही वर्ष 2017 से मार्च 2026 तक के एरियर भुगतान की उम्मीद भी मजबूत हुई है।
संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष राकेश पटेल के लंबे संघर्ष और न्यायालय में हुई कानूनी लड़ाई के परिणामस्वरूप यह सफलता मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने पूर्व आदेश में किसी प्रकार का परिवर्तन करने से इनकार करते हुए पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया, जिससे अनुदेशकों में उत्साह का माहौल है।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष संजय कुमार, जिला उपाध्यक्ष रुचि केसरी, जिला कोषाध्यक्ष सतीश कुमार, राकेश राजन सिंह, जिला प्रवक्ता सिद्धार्थ पटेल, जिला प्रशासन मंत्री सुभाष चौहान, जिला संगठन मंत्री अनिता देवी, जिला मीडिया प्रभारी मोहित कुमार, ब्लॉक अध्यक्ष (दुद्धी) अक्षयवरनाथ कुशवाहा सहित प्रिया अग्रहरि, सुनील यादव, संध्या लता, उमा गुप्ता, संगीता श्रीवास्तव, सुनीता, पुष्पा, निरुपमा, सुषमा कुशवाहा, संजीव, शिवनाथ, पवन और निमेष ने इसे संगठन की बड़ी उपलब्धि बताते हुए सभी अनुदेशकों को बधाई दी।

