निषाद समाज ने अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र की मांग उठाई, राष्ट्रपति से मुख्यमंत्री तक भेजा ज्ञापन

मझवार, तुरैहा समेत निषाद, केवट, मल्लाह, कहार, बिंद व अन्य जातियों को एससी प्रमाणपत्र जारी करने की मांग


(जितेंद्र कुमार चन्द्रवंशी)सोनभद्र। मझवार, तुरैहा तथा उनसे संबंधित निषाद समाज की विभिन्न जातियों को अनुसूचित जाति (एससी) का प्रमाणपत्र जारी किए जाने की मांग को लेकर निजात पार्टी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव सिंह गौड़ को उनके आवास पर ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, मुख्यमंत्री सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को संबोधित किया गया।
ज्ञापन में कहा गया कि उत्तर प्रदेश सरकार की वर्ष 2016 एवं 2017 की अधिसूचनाओं के अनुसार निषाद, केवट, मल्लाह, कश्यप, कहार, धीमर, बिंद, बाथम, तुरहा, गोड़िया, मांझी एवं मछुआ जैसी जातियों को पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की सूची से हटाया गया था। इसके बावजूद जनपद और तहसील स्तर पर अभी भी इन जातियों के लोगों को ओबीसी प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं, जो शासनादेशों के विपरीत बताया गया है।
ज्ञापन में 10 अगस्त 1950 की राष्ट्रपति अधिसूचना, 1961 की जनगणना पुस्तिका, 29 अगस्त 1977 के भारत सरकार के शासनादेश तथा राजस्व परिषद के अभिलेखों का हवाला देते हुए दावा किया गया कि मझवार, तुरैहा एवं उनकी पर्यायवाची जातियां अनुसूचित जाति समूह में सूचीबद्ध हैं। साथ ही यह भी कहा गया कि देश के कई राज्यों में इन समुदायों को अनुसूचित जाति अथवा अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्राप्त है।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि प्रदेशभर में वर्ष 2016 और 2017 के शासनादेशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए, संबंधित जातियों को ओबीसी प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया रोकी जाए तथा पात्र व्यक्तियों को अनुसूचित जाति के प्रमाणपत्र और उससे जुड़ी सभी संवैधानिक सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए।
ज्ञापन में उत्तराखंड की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में आवश्यक विधायी एवं प्रशासनिक व्यवस्था लागू कर मझवार, तुरैहा एवं अन्य पर्यायवाची जातियों की स्पष्ट परिभाषा निर्धारित करने तथा उन्हें अनुसूचित जाति के आरक्षण में समायोजित करने की भी मांग की गई।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष अनिकेत निषाद, प्रदेश महासचिव दयाशंकर निषाद, जिला संयोजक शिवेंद्र निषाद, छोटेलाल साहनी, राम सुंदर, मुनिया देवी, पिंटू, प्रदीप, फूलचंद चौधरी, विनय, राकेश, लाल साहब, लाल जी, विनोद चौधरी, राज नारायण सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।

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