सोनभद्र पुलिस की प्रभावी पैरवी रंग लाई, हत्या के मामले में दोषी को 10 साल की सजा

सोनभद्र। जनपद में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत सोनभद्र पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। थाना ओबरा पुलिस की प्रभावी विवेचना, सुदृढ़ साक्ष्य संकलन एवं अभियोजन पक्ष की सशक्त पैरवी के आधार पर गैर इरादतन हत्या तथा गर्भस्थ शिशु की मृत्यु कारित करने के मामले में न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया है। पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक वर्मा के नेतृत्व में चल रहे अभियान के अंतर्गत यह कार्रवाई की गई। मामला वर्ष 2015 में थाना ओबरा में दर्ज मु0अ0सं0 260/2015 (धारा 304 एवं 316 भा.द.वि.) से संबंधित है।
इस मामले में राम जियावन पुत्र इंदर सिंह, निवासी खैराही पनारी, थाना ओबरा, को माननीय सत्र न्यायालय, सोनभद्र ने धारा 304 के तहत 10 वर्ष का कारावास एवं ₹10,000 अर्थदंड, जबकि धारा 316 के तहत 10 वर्ष का कारावास एवं ₹5,000 अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने दोनों सजाएं साथ-साथ चलाने का आदेश दिया है तथा न्यायिक अभिरक्षा में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस के अनुसार अभियुक्त को सजा दिलाने में थाना ओबरा पुलिस की प्रभावी विवेचना, अभियोजन अधिकारी की मजबूत न्यायालयीन पैरवी, कोर्ट मोहर्रिर के समन्वय तथा जनपद मॉनिटरिंग सेल की सतत निगरानी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सोनभद्र पुलिस ने कहा कि अपराधियों को कानून के दायरे में लाकर न्यायालय से सजा दिलाने की कार्रवाई आगे भी इसी तरह जारी रहेगी।

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