जितेंद्र कुमार चन्द्रवंशी
दुद्धी (सोनभद्र)। मंगलवार को दुद्धी बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने अपर जिला अधिकारी वागिश शुक्ला से भेंट कर प्रस्तावित सर्किल रेट 2026 में की गई मनमानी वृद्धि को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा है। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बार अध्यक्ष कुलभूषण पांडेय ने किया। ज्ञापन सौंपने के समय वरिष्ठ अधिवक्ता प्रेमचंद यादव, जितेंद्र श्रीवास्तव, रामजी पांडेय समेत अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।
ज्ञापन में बार ने कहा है कि प्रस्तावित रेटलिस्ट 2026 दुद्धी तहसील के बहुसंख्यक अनुसूचित जनजाति व गरीब वादकारियों के हितों का संरक्षण किए बिना तैयार की गई है तथा यह अस्पष्ट, अव्यवहारिक और जनता के आर्थिक हितों के विरुद्ध है। बार ने विशेष रूप से कहा कि नगरीय, अर्धनगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में 200 से 300 प्रतिशत तक की मूल्यांकन वृद्धि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप नहीं है और इसे असंगत व अनुचित माना जाता है।
बार ने आरोप लगाया कि कई जगहों पर बाहरी शहरों जैसे गाजियाबाद व ग्रेटर नोएडा की दरों की ‘कॉपी-पेस्ट’ कर रेटलिस्ट संशोधित की गई है, जबकि दुद्धी के 302 राजस्व गांवों की भौगोलिक विशेषता और गाटा‑बंटवारे की स्थिति इससे भिन्न है। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि अंतरराज्यीय मार्गों के किनारे स्थित भूमि को उच्च श्रेणी मान कर अतिरिक्त 25 प्रतिशत वृद्धि लागू करना विधि‑विरुद्ध व अनुचित है। आंशिक कृषि गतिविधि वाले भूखंडों पर तय वृद्धि प्रतिशत भी जमीन की वास्तविक दशा व गाटा संख्या को नज़रअंदाज़ करता है।
बार ने तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार व लेखपालों की मनमानी व रिश्वतखोरी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग की। बताया गया कि 3 जुलाई 2026 को इसी विषय पर शिकायत की गई थी, परन्तु उसका समाधान नहीं निकला। ज्ञापन में राजस्व निरीक्षक व लेखपालों पर वादकारियों से मनमाने शुल्क वसूलने, एक बार पैसे लेने के बाद महीनों तक काम न करने और बाद में अतिरिक्त मांग करने जैसे गंभीर आरोप शामिल किए गए हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि लेखपालों व तहसील कर्मचारियों के खिलाफ त्वरित, निष्पक्ष व कड़ी जांच कराई जाए, अंश निर्धारण व पैमाइश में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए तथा दलालियों पर रोक लगाई जाए। बार ने चेतावनी दी कि यदि शिकायतों का शीघ्र निवारण नहीं हुआ तो वे प्रशासन व न्यायालय के समक्ष तथा जनहित आंदोलन के माध्यम से अपनी आवाज तेज़ करेंगे।
अंततः प्रतिनिधिमंडल ने पुनः अनुरोध किया कि प्रस्तावित 2026 रेटलिस्ट को तत्काल प्रभाव से वापस लेकर मौजूदा रेटलिस्ट 2024 को आवश्यक भौगोलिक निरीक्षण व स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार आंशिक संशोधन के बाद ही लागू किया जाए। साथ ही शक्तिनगर स्पेशल एरिया डेवेलपमेंट अथॉरिटी द्वारा लगाई जा रही 2 प्रतिशत अतिरिक्त वसूली को निराधार बताते हुए इसे निरस्त करने की मांग की गई। अपर जिला अधिकारी (एडीएम) वागिश शुक्ला ने कहा कि शिकायतों की सत्यता की जांच कर आवश्यक कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।

