18 वर्ष से पहले आधार का बायोमेट्रिक अपडेट जरूरी, शिकायत के लिए 1947 हेल्पलाइन की लें मदद
सोनभद्र। जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आधार प्रमाणीकरण एवं आधार कार्ड निर्माण को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों के आधार कार्ड बनाने के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और इसे सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि आधार कार्ड वर्तमान समय में प्रत्येक नागरिक की पहचान का महत्वपूर्ण दस्तावेज है। शासन की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का लाभ लेने के लिए आधार का अद्यतन एवं प्रमाणीकरण आवश्यक है। उन्होंने विशेष रूप से नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों का समयबद्ध आधार कार्ड बनवाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने से पहले अपने आधार का बायोमेट्रिक अपडेट अवश्य करा लें, ताकि भविष्य में किसी भी तकनीकी समस्या या सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी न हो। इसके लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में बेसिक शिक्षा विभाग, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार (आईसीडीएस) विभाग और स्वास्थ्य विभाग को बच्चों के आधार कार्ड बनाने के लिए आधार नामांकन मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। इन विभागों के माध्यम से विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों पर बच्चों के आधार बनाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि बैंकों और डाकघरों में आम नागरिकों के आधार कार्ड बनाने, संशोधन और बायोमेट्रिक अपडेट की सुविधा उपलब्ध है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए सभी पात्र बच्चों के आधार कार्ड बनवाना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने बताया कि आधार से संबंधित किसी भी शिकायत या तकनीकी समस्या के समाधान के लिए यूआईडीएआई की टोल फ्री हेल्पलाइन 1947 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा जनपद का आधार सहायता केंद्र रोडवेज बस अड्डे के पास संचालित है, जहां नागरिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, जिला सांख्यिकी अधिकारी संतपाल वर्मा, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर शर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों को आधार प्रमाणीकरण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जनहितकारी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

