सोनभद्र,। वर्ष 2019 के एक लैंगिक अपराध के मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ओमकार शुक्ला की अदालत ने अभियुक्त लालबाबू को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की राशि नियमानुसार पीड़िता को दिए जाने का आदेश भी न्यायालय ने दिया है।
मामला विशेष सत्र परीक्षण संख्या-28/2020, राज्य बनाम लालबाबू से संबंधित है। अभियोजन के अनुसार वर्ष 2019 में थाना बीजपुर क्षेत्र के रजमिलान निवासी लालबाबू द्वारा जंगल में एक नाबालिग बालिका के साथ अश्लील हरकत एवं लैंगिक उत्पीड़न किया गया था। मामले की विवेचना पूरी करने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
साक्ष्यों के आधार पर हुई दोषसिद्धि
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पीड़िता, उसके परिजनों, चिकित्सक, विवेचक समेत अन्य साक्षियों के बयान तथा दस्तावेजी साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अभियुक्त को दोषसिद्ध पाया।
न्यायालय ने अभियुक्त को धारा 354-ख भारतीय दंड संहिता तथा धारा 8 पॉक्सो अधिनियम के तहत दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के कारावास एवं 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
मामले में राज्य की ओर से विशेष लोक अभियोजक दिनेश प्रसाद अग्रहरी एवं नीरज कुमार सिंह ने प्रभावी पैरवी की।

