जितेन्द्र कुमार चन्द्रवंशी दुद्धी, सोनभद्र। भाऊ राव देवरस राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुद्धी, सोनभद्र में हिंदी विभाग के तत्त्वावधान में हिंदी छात्र परिषद का गठन उत्साहपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रीति कुमारी ने किया। उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए विद्यार्थियों को संबोधित किया तथा उन्हें अध्ययन, अनुशासन, रचनात्मकता एवं नेतृत्व के प्रति प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि “विद्यार्थी केवल ज्ञान के अर्जक नहीं, बल्कि समाज के भावी दिशा-निर्धारक हैं; आवश्यकता है कि उनकी ऊर्जा को सृजनात्मक दिशा प्रदान की जाए।

इस अवसर पर हिंदी विभाग के छात्र-छात्राओं में से योग्य विद्यार्थियों का चयन कर उन्हें हिंदी छात्र परिषद के विभिन्न पदों पर सर्वसम्मति से मनोनीत किया गया। शिवम कुमार (एम.ए. तृतीय सेमेस्टर) को अध्यक्ष, प्रियंका यादव (एम.ए. तृतीय सेमेस्टर) को उपाध्यक्ष, लवकुश कुमार (एम.ए. प्रथम सेमेस्टर) को सचिव, सिन्नी (एम.ए. प्रथम सेमेस्टर) को उपसचिव तथा मौज्जम (बी.ए. पंचम सेमेस्टर) को छात्र प्रतिनिधि, उर्मिला (बी.ए. पंचम सेमेस्टर) को छात्रा प्रतिनिधि, मोहित कुमार (बी.ए. तृतीय सेमेस्टर) को छात्र प्रतिनिधि एवं निशा जायसवाल (बी.ए. तृतीय सेमेस्टर) को छात्रा प्रतिनिधि का दायित्व सौंपा गया।।
महाविद्यालय के प्राचार्य एवं संरक्षक राजेश भारती ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि “नेतृत्व का वास्तविक अर्थ दायित्व को निष्ठा और अनुशासन के साथ निभाना है।” उन्होंने परिषद के माध्यम से विद्यार्थियों की साहित्यिक एवं रचनात्मक प्रतिभाओं को विकसित करने की अपेक्षा व्यक्त की।
महाविद्यालय के मुख्य शास्ता डॉ. अजय कुमार ने कहा कि “साहित्य विद्यार्थी को संवेदना देता है और संवेदना ही उसे श्रेष्ठ मनुष्य बनने की दिशा प्रदान करती है।” डॉ. विवेकानंद ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि “अवसर की प्रतीक्षा करने के बजाय अपनी प्रतिभा से अवसर का निर्माण करना ही युवा शक्ति की पहचान है।” डॉ. राजेश यादव ने कहा कि “अनुशासन, परिश्रम और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति विद्यार्थी के व्यक्तित्व को ऊँचाई प्रदान करती है।” डॉ. प्रियंका जायसवाल ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि “साहित्य मनुष्य को केवल बोलना नहीं, बल्कि दूसरों को समझना भी सिखाता है।”
कार्यक्रम की निर्देशिका एवं संचालक डॉ. मालती देवी ने परिषद के गठन की आवश्यकता एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “हिंदी परिषद विद्यार्थियों की रचनात्मक ऊर्जा को मंच प्रदान करने के साथ उनके व्यक्तित्व और नेतृत्व क्षमता के विकास का माध्यम बनेगी।”
इस अवसर पर वाणिज्य विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश कनौजिया, जन्तु विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मिथिलेश गौतम, वनस्पति विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सचिन विश्वकर्मा सहित महाविद्यालय के अन्य शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। नवमनोनीत पदाधिकारियों ने परिषद के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने तथा हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रति विद्यार्थियों में रुचि और रचनात्मक चेतना विकसित करने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य एवं सफल दायित्व-निर्वहन की शुभकामनाओं के साथ हुआ।

