अवैध प्लाटिंग पर प्रशासन का हंटर: टैक्स चोरी करने वाले प्लाटरों को नोटिस, मचा हड़कंप

सोनभद्र (ब्यूरो)। जिलाधिकारी के सख्त निर्देश पर विनियमित क्षेत्र रॉबर्ट्सगंज में अवैध प्लाटिंग और टैक्स चोरी के खिलाफ प्रशासन ने मोर्चा खोल दिया है। तहसील प्रशासन और विनियमित क्षेत्र के अधिकारियों के समन्वय से की गई इस कार्यवाही ने भू-माफियाओं और नियमों को ताक पर रखकर प्लाटिंग करने वालों की नींद उड़ा दी है।

एग्रीमेंट के खेल से हो रही थी राजस्व की हानि

जांच में खुलासा हुआ है कि क्षेत्र की कतिपय प्लाटिंग कंपनियां टैक्स चोरी की नीयत से फर्जीवाड़ा कर रही हैं। ये प्लाटर पहले किसान की जमीन का अपने नाम एग्रीमेंट कराते हैं, लेकिन रजिस्ट्री के समय सीधे किसान के माध्यम से ही भूमि की बिक्री करा देते हैं। इस प्रक्रिया से शासन को मिलने वाले स्टाम्प शुल्क और अन्य करों की बड़े पैमाने पर चोरी की जा रही थी।

बिना ले-आउट पास कराए बेचे जा रहे थे प्लॉट

शिकायत प्राप्त हुई थी कि रॉबर्ट्सगंज के सीमांतर्गत आने वाले विभिन्न गांवों में बिना किसी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) और बिना ले-आउट प्लान स्वीकृत कराए धड़ल्ले से प्लाटिंग की जा रही है। मानकों की अनदेखी कर बेची जा रही इन जमीनों पर नकेल कसने के लिए प्रशासन ने अब स्थलीय निरीक्षण शुरू कर दिया है।

दोषियों को नोटिस, अवैध कार्य रोकने की चेतावनी

अभियान के दौरान अधिकारियों ने अवैध प्लाटिंग वाले क्षेत्रों का दौरा किया और मानकों को पूरा न करने वाले व्यक्तियों को तत्काल नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्थलीय निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि:बिना राजस्व विभाग और विनियमित क्षेत्र से ले-आउट प्लान स्वीकृत कराए कोई भी प्लाटिंग नहीं होगी।
मानकों का उल्लंघन करने पर संबंधित कंपनी और प्लाटर के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
प्रशासन की इस सक्रियता से क्षेत्र में अवैध रूप से चल रहे रियल एस्टेट के कारोबार पर लगाम लगने की उम्मीद है। अधिकारियों ने आम नागरिकों को भी सचेत किया है कि बिना वैध कागजातों के भूखंड न खरीदें।

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