सोनभद्र खनन विभाग में अवैध वसूली व फर्जी परमिट का आरोप, उच्चस्तरीय जांच की मांग

खनन निदेशक को पत्र लिखकर शिवम अवस्थी व मनोज शर्मा पर लगाए गंभीर आरोप – भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनिल द्विवेदी(गिरजाशंकर)

(ऋषभ सिंह)सोनभद्र/लखनऊ। सोनभद्र खनन विभाग में बड़े पैमाने पर अवैध वसूली और फर्जी परमिट के फर्जी वाडे से खनन कराने का आरोप लगाते हुए भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं अधिवक्ता अनिल द्विवेदी ‘गिरजाशंकर’ ने निदेशक, खनन भूतत्व खनिकर्म विभाग, लखनऊ को पत्र भेजकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
3 जुलाई 2026 को लिखे पत्र में
अनिल द्विवेदी ने आरोप लगाया कि सोनभद्र में खनन विभाग में तैनात संविदा कर्मचारी शिवम अवस्थी द्वारा परमिट देने पर प्रति घनमीटर 200 रुपये की अवैध वसूली की जा रही है। इस हिसाब से एक परमिट पर 3 से 4 हजार रुपये वसूले जा रहे हैं, जिसका कोई रिकॉर्ड या रसीद नहीं दी जाती।द्विवेदी जी, द्वारा पत्र में दावा किया गया कि प्रतिदिन 2 से 3 लाख रुपये की अवैध वसूली खान अधिकारी व जिलाधिकारी के ऑफिस खर्च के नाम पर की जा रही है।
मनोज शर्मा पर सिक्योरिटी पेपर के दुरुपयोग का आरोप
पत्र के अनुसार, पिछले 16 वर्षों से सोनभद्र खनन कार्यालय में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर मनोज कुमार शर्मा के पास सिक्योरिटी पेपर जनरेट करने का पासवर्ड है। आरोप है कि 2022-23 में खनन पूर्ण होने के बाद बचे सिक्योरिटी पेपर का दुरुपयोग कर फर्जी तरीके से परमिट जनरेट किए जा रहे हैं। ए० के० इंटरप्राइजेज का समय सीमा समाप्त होने के बाद भी सिक्योरिटी पेपर लॉक नहीं किए गए, जबकि आईडी-पासवर्ड मनोज शर्मा के पास है। फिर भी एफआईआर में मनोज शर्मा का नाम नहीं है।
पत्र में कहा गया कि मनोज शर्मा व शिवम अवस्थी की मिलीभगत से अवैध खनन व अवैध परमिट सिंडिकेट तैयार कर प्रतिदिन सैकड़ों गाड़ियों से अवैध खनिज परिवहन किया जा रहा है, जिससे करोड़ों रुपये के राजस्व की चोरी हो रही है। यह खान अधिकारी व खनन विभाग की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है।
तीन सदस्यीय टीम से जांच की मांग
अनिल द्विवेदी ने पत्र में मांग की है कि प्रकरण की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की जाए। जांच के दौरान शिवम अवस्थी व मनोज कुमार शर्मा को विभाग से बाहर किया जाए। उन्होंने कहा कि यह योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर दाग है।
पत्र में यह भी उल्लेख है कि शिवम अवस्थी खनन विभाग के ऑफिस कैंपस में ही निवास करता है और 24 घंटे वहीं से विभागीय अधिकारियों की पल-पल की खबर पासरों को देता है।
द्विवेदी जी ने बताया कि उच्च स्तरीय तीन सदस्यीय टीम जाँच हेतू गठित करने का आदेश तत्काल निदेशक ने दे दिया है
अब देखना यह हैं की दोषियों पर कब तक कारवाही होती हैं

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