करमा की थाप पर झूम उठा बागेसोती, जनजातीय संस्कृति महोत्सव में उमड़ा जनसैलाब

15 बैगा पुजारियों ने विधि-विधान से की करम डाड़ की पूजा, 20 टीमों ने करमा गीत-नृत्य से बिखेरी लोक संस्कृति की छटा


कोन/सोनभद्र। जनजातीय समाज की समृद्ध लोक कला, संस्कृति, परंपरा और आस्था को सहेजने तथा नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से विकास खंड कोन के बागेसोती (जऊंवाजोत) में भव्य जनजातीय संस्कृति महोत्सव एवं करमा पूजा का आयोजन किया गया। करमा गीतों और पारंपरिक नृत्य की थाप पर पूरा क्षेत्र झूम उठा। महोत्सव में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों की भीड़ उमड़ी।
कार्यक्रम में अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह खरवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे करीब 15 बैगा पुजारियों द्वारा करम डाड़ लाकर विधि-विधान एवं पारंपरिक रीति-रिवाज से पूजा-अर्चना के साथ किया गया।
इसके बाद करीब 20 जनजातीय सांस्कृतिक टीमों ने बारी-बारी से पारंपरिक करमा गीत एवं नृत्य की प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने जनजातीय लोक संस्कृति की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत की और उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।


मुख्य अतिथि सत्येंद्र सिंह खरवार ने कहा कि जनजातीय समाज का अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति बढ़ता उत्साह सांस्कृतिक जागरूकता का परिचायक है। बदलते परिवेश और पश्चिमी संस्कृति के बढ़ते प्रभाव के बीच अपनी लोक संस्कृति, पूजा-पद्धति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि करमा पूजा केवल एक आयोजन तक सीमित न रहे, बल्कि इसकी परंपरा और सांस्कृतिक भावना घर-घर एवं जन-जन तक पहुंचे। नई पीढ़ी अपनी जड़ों और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ेगी, तभी इस समृद्ध विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाया जा सकेगा।
कार्यक्रम को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के प्रदेश उपाध्यक्ष जीत सिंह खरवार, अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के क्षेत्र संगठन मंत्री आनंद तथा ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि कोन शशांक मिश्र ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने जनजातीय लोक कला, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन पर जोर दिया।
कार्यक्रम का संचालन जयप्रकाश गोंड ने किया, जबकि अध्यक्षता नन्दलाल उरांव ने की। खंड विकास अधिकारी कोन दिनेश शुक्ला ने उपस्थित लोगों के प्रति आभार जताया। इस दौरान बड़ी संख्या में जनजातीय समाज के लोग, क्षेत्रवासी, पत्रकार, पुलिसकर्मी एवं गणमान्यजन मौजूद रहे।
प्रमुख रूप से प्रांत संगठन मंत्री पंकज, रामलखन सिंह, रविंद्र सिंह, देवनारायण खरवार, शिवम मिश्रा, गुरुशंकर, हरिनाथ उरांव, मुन्ना धांगर, रामलाल चेरो, हीरेश द्विवेदी, प्रवीण शुक्ला, जितेंद्र सिंह, मनोज चौबे, मनोज दुबे सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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