JDU जम्मू-कश्मीर अध्यक्ष बोले— सांकेतिक विरोध नहीं, संवैधानिक प्रक्रिया, रणनीतिक बातचीत और राजनीतिक इच्छाशक्ति से ही बहाल होगा राज्य का दर्जा।
(शब्रोज मलिक)श्रीनगर,। जनता दल (यूनाइटेड) जम्मू-कश्मीर के प्रदेश अध्यक्ष जी.एम. शाहीन ने कहा है कि जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन से जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा दिलाने की दिशा में कोई ठोस उपलब्धि हासिल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि राज्य का दर्जा एक गंभीर संवैधानिक और राजनीतिक विषय है, जिसे केवल सांकेतिक प्रदर्शनों या राजनीतिक दिखावे से प्राप्त नहीं किया जा सकता।

शाहीन ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार वास्तव में राज्य का दर्जा बहाल कराने के लिए गंभीर है, तो उसे राजनीतिक साहस, स्पष्ट रणनीति और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय देना होगा। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य केवल नारेबाज़ी या एक दिन के प्रदर्शन से नहीं, बल्कि केंद्र के साथ निरंतर संवाद, रणनीतिक राजनीतिक प्रयास और कठिन निर्णय लेने की क्षमता से हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की जनता अब केवल प्रतीकात्मक राजनीति नहीं, बल्कि ठोस और परिणाम देने वाली कार्रवाई चाहती है। राज्य का दर्जा बहाली की दिशा में वास्तविक प्रगति रचनात्मक संवाद, जिम्मेदार नेतृत्व और स्पष्ट रोडमैप से ही संभव है।
जी.एम. शाहीन ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे दलीय हितों से ऊपर उठकर संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीकों से जम्मू-कश्मीर के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए ईमानदारी और निरंतरता के साथ प्रयास करें।

