छात्रों के संसद मार्च पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन, शिक्षा व गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग

नौगढ़ (मदन मोहन)चंदौली। नई दिल्ली में 20 जुलाई 2026 को शिक्षा व्यवस्था में कथित धांधलियों के विरोध में आयोजित छात्रों के संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट (एआईपीएफ) के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन तहसील नौगढ़ के उपजिलाधिकारी के माध्यम से भेजा।
ज्ञापन सौंपने वालों में ग्राम भैसौड़ा निवासी एवं एआईपीएफ नौगढ़ के प्रभारी पदाधिकारी रहीमुद्दीन प्रमुख रूप से शामिल रहे। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि संसद मार्च के दौरान अपनी मांगों को शांतिपूर्ण ढंग से रख रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया तथा सादे कपड़ों में मौजूद कुछ लोगों द्वारा भी कथित रूप से हिंसक व्यवहार किया गया, जिसे लोकतांत्रिक अधिकारों के विपरीत बताया गया।
ज्ञापन में राष्ट्रपति से मांग की गई कि घटना की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष न्यायिक जांच कराई जाए। साथ ही शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं की जवाबदेही तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तथा पुलिस कार्रवाई की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की भी मांग की गई।
इसके अलावा सादे कपड़ों में कार्रवाई करने वाले व्यक्तियों की पहचान सार्वजनिक करने, कार्रवाई के आदेश देने वाले अधिकारी की जानकारी उजागर करने, दोषी अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करने तथा घायल छात्रों को समुचित उपचार, मुआवजा और न्याय उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई।
ज्ञापन के अंत में राष्ट्रपति से छात्रों के शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन के अधिकार की रक्षा सुनिश्चित करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया गया।
इस दौरान नासीर, अनिल कुमार, के.एन. मौर्य (अधिवक्ता) एवं विजय बहादुर (अधिवक्ता) सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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