जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों पर ध्वस्तीकरण नोटिस के विरोध में सोनभद्र से राष्ट्रपति को ज्ञापन

सोनभद्र (वकील खान)। रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों को ध्वस्त करने के संबंध में रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) द्वारा जारी नोटिस के विरोध में सोनभद्र के शिक्षाप्रेमियों एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने विरोध दर्ज कराया। तनवीर खान के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी सोनभद्र के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि वर्ष 2006 में स्थापित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से मान्यता प्राप्त उच्च शिक्षण संस्थान है, जहां वर्तमान में विभिन्न पाठ्यक्रमों में हजारों छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि विश्वविद्यालय से देश-विदेश में बड़ी संख्या में विद्यार्थी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
ज्ञापन के अनुसार, आरडीए द्वारा 38 भवनों को ध्वस्त करने का नोटिस जारी किए जाने से हजारों छात्रों के शैक्षणिक भविष्य पर संकट उत्पन्न हो सकता है। साथ ही विश्वविद्यालय में कार्यरत प्राध्यापकों एवं गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के रोजगार पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है।
प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप कर रामपुर विकास प्राधिकरण द्वारा जारी ध्वस्तीकरण नोटिस निरस्त कराने की मांग की। उनका कहना था कि शिक्षण संस्थान राष्ट्र निर्माण की आधारशिला होते हैं और ऐसे संस्थानों को प्रभावित करने वाले निर्णयों से विद्यार्थियों के भविष्य पर व्यापक असर पड़ सकता है।
ज्ञापन सौंपने वालों में हिदायतउल्ला खान, सूर्यकांत द्विवेदी, मुनीर खान, सुशील राय, विपिन सिंह, सूरज मिश्रा, गुलाम यासीन, खुर्शीद आलम, विनीत सरोज, सतीश त्यागी, मुस्तफा सिद्दीकी, संजय कुमार, मोहम्मद शाहिद, असलम खान, अजय कश्यप, अमीन अली, सीपू खान सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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